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Social Aspects & Relationships B218

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सोशल साइट्स और संबंध रिश्तों में संवादहीनता ला रहा दुनिया से जोड़ने वाला मोबाइल , यह माने या न माने, वास्तविकता में मोबाइल के हद से ज्यादा उपयोग से सामाजिक रिश्तों में हम सब की , समाज की दिक्कतें बढ़ी हैं। मोबाइल फोन के अनुचित उपयोग के कारण आपसी रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाली जो नई आदतें बन रही हैं, उनमें फबिंग भी शामिल है। स्मार्ट फोन पर चिपके रहने के कारण जब आप अपने करीबी रिश्ते को इग्नोर करते हैं, तो उसे फबिंग कहा जाता है। फबिंग एक ऐसा शब्द है जो स्मार्टफोन की लत से जुड़ा है। यह शब्द फोन और स्नबिंग से मिलकर बना है। ( स्नबिंग का मतलब होता है अनादर करना या फिर अनदेखी करना )। जो लोग दोस्तों, परिवार और समाज में लोगों के बीच बैठकर फोन में ज्यादा ध्यान देते हैं, या कह लीजिए कि अब वो मोबाइल पर ही निर्भर हो गए हैं , मोबाइल ही अब उनकी दुनिया है । यह शब्द ऐसे लोगों के लिए प्रचलित है। स्मार्टफोन के इस्तेमाल और फबिंग को लेकर की गई एक स्टडी के मुताबिक लगभग 32 प्रतिशत लोग दिन में कम से कम 3 से 4 बार लोगों के बीच फबिंग करते हैं। फबिंग का नकारात्मक प्रभाव आपके सामाजिक, पारिवारिक जीवन और मानसिक स्व...

Importance of Temple B217

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मन्दिर का महत्व :- भगवान् ( ईश्वर, देवता , ऋषि , संत गण ) का मन्दिर इस कलियुग और दिन-प्रतिदिन के जीवन के व्यस्त भौतिक संसार में ध्यान और भक्ति  द्वारा मनुष्य के विकास व मोक्ष हेतु महान् अवसर उपलब्ध कराता है। स्वामी शिवानन्द ने कहा है कि मन्दिर का परिसर इतना पवित्र होता है और शान्ति प्रदान करता है जो और किसी वातावरण में नहीं मिल सकती। सम्पूर्ण क्षेत्र में दिव्य तरंगें होती हैं। दिन के तीनों कालों में नियमित पूजा, वेदों के पवित्र विशेष मन्त्रों के उच्चारण से मन्दिर का मंगलकारी वातावरण दिन-प्रतिदिन श्रेष्ठ और श्रेष्ठ होता जाता है और यह मानव की आत्मा को बहुत ऊपर उठा देता है। मनुष्य जिस शांति की खोज में लगा है उसका प्रारम्भिक चरण यही से प्रारम्भ होता है । वह मन्दिर जहाँ परमेश्वर की प्रतिमा स्थापित है, वह एक पवित्र स्थान है और यह एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रभाव फैलाता है जो लोगों के मनों को उच्चतम पवित्रता की स्थिति में रूपान्तरित कर देता है। प्रार्थना, जागरण, अभिषेक और अर्चना के द्वारा मन्दिर में जो नित्य पूजा की जाती है, वह सारे वातावरण को पवित्रता तथा वैभव से युक्त कर देती है और जब मन्...

No One Should Remain Hungry Campaign B216

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आज दिनांक 14 जनवरी 2024 को जीव आश्रय फाउंडेशन के साथ मिलकर गोमतीनगर लखनऊ स्थित स्थान पर कोई भूखा न रहे अभियान के तहत मानवाधिकार एक्शन फोरम , लखनऊ द्वारा आयोजन किया गया । जिसमें राष्ट्रीय सचिव प्रशांत शर्मा ने बताया कि कोई भूखा न रहे अभियान के तहत समय समय पर नागरिकों को हम सुविधा उपलब्ध कराते रहते हैं परन्तु अबकी बार हमनें घायल बेसहारा जानवरों को प्रार्थमिकता दी है । जीव आश्रय से हर्षित ने कहा कि कंपाउंड मैं जानवरों के सामान्य इलाज के साथ साथ क्रिटिकल यूनिट भी है जिसे डॉक्टरों द्वारा समुचित इलाज की व्यवस्था की जाती है और समय समय पर सभी जानवरों को खाना दिया जाता है   इसी के साथ जिला महासचिव लखनऊ प्रतीक विक्रम सिंह ने भी नागरिकों से अपील की ज्यादा से ज्यादा लोग इस तरह के अभियान कार्यक्रम में शामिल हो क्योंकि जीव तो जीव है चाहे वह मनुष्य हो या जानवर सभी के सेवा के लिए सबको आगे आना चाहिए । कार्यक्रम को सफल बनाने में  पिंकी साहू , वेदांत पांडेय , रवि प्रकाश पांडेय , फैज़ अहमद , प्रदीप कुमार सिंह , काजल रावत , हर्षित का काफी योगदान रहा ।

Glory of prasad B215

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प्रसाद की महिमा :- प्रसाद वह है जो शान्ति प्रदान करे । कीर्तन, पूजा, हवन और आरती में भगवान् को बादाम, किशमिश, दूध, मिठाइयाँ और फल आदि अर्पित किये जाते हैं, वे भगवान् को अर्पित करने के पश्चात् घर के सदस्यों या मन्दिर में भक्तों के मध्य वितरित कर दिये जाते हैं। बिल्व-पत्र, पुष्प, तुलसी, विभूति आदि से पूजा की जाती और बाद में इन्हें प्रसाद के रूप में वितरित कर दिया जाता है । भस्म भगवान् शिव का प्रसाद है। यह मस्तक पर लगायी जाती है और थोड़ी खायी जाती है। कुंकुम श्री देवी या शक्ति का प्रसाद है। इसे दोनों भौंहों के मध्य (आज्ञा या भ्रूमध्य) में लगाते हैं। तुलसी भगवान् विष्णु, राम या कृष्ण का प्रसाद है। इसे खाते हैं। ये सभी पूजा और हवन के समय बोले जाने वाले मन्त्रों से गुप्त शक्तियों से आवेशित हो जाते हैं । भोग अर्पित करने वाले भक्त का भगवान् के प्रति जो मानसिक भाव होता है, उसका सर्वाधिक प्रभाव होता है। यदि कोई लगनशील ईश्वर का भक्त भगवान् को कुछ अर्पित करे और वह प्रसाद लिया जाये, तो यह नास्तिक लोगों के मन पर भी बड़ा प्रभाव डालता है और उन्हें परिवर्तित कर देता है। प्रसाद से की कृपा प्राप्त होती ह...

RASHTRIYA SACHIV HRAF, New delhi B214

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 राष्ट्रीय मानवाधिकार एक्शन फोरम के राष्ट्रीय सचिव बने प्रशांत , राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र , स्पष्ट आवाज़ लखनऊ ,कानपुर , गोरखपुर , ललितपुर संकरण 4 जनवरी 2024 *प्रशांत शर्मा राष्ट्रीय मानवाधिकार एक्शन फोरम में  राष्ट्रीय सचिव मनोनीत*। समाज सेवा के समर्पण हेतु राष्ट्रीय मानवाधिकार एक्शन फोरम के प्रशांत शर्मा को राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एक्शन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभम द्विवेदी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों कि सूची जारी करके सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संगठन अन्याय कि अन्त के लिए चरणबद्ध हैं और समाज कल्याण साक्षरता व उपभोक्ता अधिकार, घरेलू हिंसा, भ्रस्टाचार विरोधी, अपने संस्कृति रक्षा, शिक्षा के अधिकारों का उलंघन , सब स्वस्थ रहें , ओढेगा भारत , कोई भूखा न रहे अभियान के मद्देनजर काम करती है। इसके लिए समाजसेवी प्रशांत जे. के. शर्मा के कलम से साहसिक, कर्मठ व निष्ठा कार्यों के साथ लेखन द्वारा समाज कि आवाज को मंजिल तक पहुंचने में सफलता के साथ कामयाबी हासिल की है। उन्होंने आगे कहा की समाज कल्याण के लिए इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाने के साथ संगठन ...

Important role in worship B213

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हिन्दू प्रतीकों का दर्शन एवं महत्व :-  मंदिर घर हो या बाहर घंटी बजाने का महत्व क्या है ? ज्योति -दिप -दीया प्रज्वलित करने का महत्व ? धूप-अगरबत्ती प्रज्वलित करने का महत्व ? कर्पूर प्रज्वलित करने का महत्व ? चंदन लगाने का महत्व ? पूजा अर्चना करने के समय इन सभी क्रिया कलाप करने व इसके के महत्व को जानते है । १- पूजा करते समय घण्टियाँ इसलिए बजायी जाती हैं जिससे बाह्य ध्वनियाँ न सुनायी पड़ें और मन अन्तर्मुखी तथा एकाग्र हो सके। २-देवता के सामने जलायी जाने वाली ज्योति यह बताती है कि ईश्वर ज्योतिस्वरूप है। वह प्रकाश ही है। भक्त कहता है— “हे भगवान्! आप ब्रह्माण्ड की स्व-प्रकाश्य ज्योति हैं। आप ही सूर्य, चन्द्र और अग्नि को प्रकाशित करते हैं। मेरी बुद्धि को भी प्रकाशित करें।” यही ज्योति जलाने का महत्त्व है। ३-धूप देवता के सामने जलायी जाती है। इसका धुआँ सारे कमरे में फैल जाता है। यह एक रोगाणुमुक्त करने की क्रिया है। जैसे घरों में लौहबान का धूप प्रज्वलित करना (पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाता है) धूप जलाना इस बात का संकेत करता है कि भगवान् सर्वव्यापक हैं और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में उनकी उपस्थिति है। भक्त ध...

कुंडेश्वर धाम B212

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  श्री कुंडेश्वर धाम (सिद्धतीर्थ अतिप्राचीन तपस्थली)🚩 श्री कुंडेश्वर धाम में पाताल से स्वयं भू-प्रकट महाशिवलिंग अपने प्राकृतिक रूप में स्थापित है । किंवदन्ती है कि चावल-चावल भर प्रतिवर्ष शिवलिंग का आकार बढ़ता है । शास्त्रसम्मत और लोकमत के अनुसार पीढ़ी दर पीढ़ी दन्तकथाओं लोक धारणाओं से श्री कुंडेश्वर धाम कि कहानी बाणासुर राक्षस से भी सम्बंधित है । कई विद्वानों का मत है कि 'केदारनाथ से दक्षिण में एक सौ किलोमीटर की दूरी पर स्वामी कार्तिकेय की जन्म स्थली माना जाने वाला स्थान रुद्रपुर (शोणितपुर /तेजपुर)  जगह दानयेन्द्रवलि के ज्येष्ठ पुत्र बाणासुर ने जन्म ले तपस्या से भगवान् शिव (केदारनाथ) को प्रसन्न कर अपनी अभिलाषा की –“काश में सुन्दर, विपुल बाहुओं से युक्त वीर बनकर सदैव शिव के समीप ही विहार करूँ.. माँ पार्वती का पुत्र कहाऊँ, मेरी ध्वजा मयूरांकित हो और मैं अजर-अमर हो सकूँ... इसके अनुसार एक सहस्र भुजाएँ वरदान में प्राप्त कीं... 'ध्वजा की रक्षा करते हुए बाण, माता कोटरा, पत्नी लोहित, पुत्र-पुर ,इंद्र , दमन... आदि तथा भ्राता कुम्भनाद ...आदि को साथ लेकर ३१४० ई० पू० (आज से लगभग ५१४० वर्ष प...

Dusari AYODHYA "ORCHA" B211

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                                    दूसरी अयोध्या ( ओरछा धाम ) भारत देश में बहुत कम लोग ही जानते है की श्री अयोध्या धाम भारत देश में दो स्थानों पर स्थित है। पहला श्री राम लला का जन्मस्थान श्री अयोध्या धाम के पावन धरती का सौभाग्य होने का दर्जा उत्तरप्रदेश राज्य को प्राप्त है दूसरा जिसे बहुत कम लोगों को मालूम है यह पावन धरती भारत देश के मध्यप्रदेश राज्य के निवाड़ी जिले में स्थित ऐतिहासिक नगर के "ओरछा" पावन धरा बुंदेलखण्ड क्षेत्र में बेतवा नदी के किनारे बसा हुआ है। उत्तरप्रदेश राज्य के झांसी जिले से 18 किमी दूरी पर स्थित है। संवत 1631 में चैत्र शुक्ल नौमी सोमवार पुक्ख नक्षत्र श्री रामराजा भगवान को अयोध्या पावन धरती से ओरछा की पावन धरती पर श्री महारानी गनेशी कुंवर कमलापति जू , महराज मधुकरशाह नरेश की महारानी (धर्मपत्नी) थी। इन्होंने अपनी भक्ति व तपस्या द्वारा साक्षात रूप में प्रकट करके ओरछा धाम में स्थापित किया था। तभी से यहाँ कहावत है कि "अवध की रानी ने तो वनवासी बनाये राम , पर मधुकर की रानी ने रा...

Odhega bharat muhim1 B210

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  आज मानवाधिकार एक्शन फोरम नई दिल्ली द्वारा ओढेगा भारत मुहिम का संचालन  प्रदेश प्रवक्ता उत्तर प्रदेश प्रशांत शर्मा और जिला महासचिव लखनऊ प्रतीक सिंह ने किया । इसके अंतर्गत गरीबों में आने वाली ठंड के लिए वस्त्र और कम्बल का वितरण किया गया , इस अवसर पर प्रशांत शर्मा प्रदेश प्रवक्ता उ. प्र. ने कहा कि संगठन की पूरी कोशिश रहती है कि इस तरह का आयोजन कर मानव सेवा की जाए जिससे कि किसी को ठंड न लगे और अपने देश के नागरिक बीमार न पड़े और स्वस्थ रहें ।  महासचिव प्रतीक सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजन संगठन आगे भी करता रहेगा । इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रेम सिंह , नीलम मिश्रा , ऊषा शर्मा , सरिता शर्मा , पुष्पांजलि मिश्रा , परीक्षित , पारिजात , सतेंद्र  ,अनुज , रवि , प्रदीप , धर्मेंद्र , प्रणव  आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे । 28-10-2023

Shri.NAGCHANDRESHWER DEV TRIKAAL PUJA B209

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#ज्योतिर्लिङ्ग श्री महाकालेश्वर, उज्जैन #नाग_पंचमी 21-08-2023 वर्ष में एक दिन के लिए खुले #भगवान_नागचन्द्रेश्वर के पट श्री महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर #श्री_नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट साल में एक बार 24 घंटे सिर्फ नागपंचमी के दिन खुलते है। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। श्री महाकाल मंदिर के गर्भगृह के उपर ओंकरेश्वर मंदिर और उसके भी शीर्ष पर श्री नागचन्द्रेश्वर का मंदिर प्रतिष्ठापित है। श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर में ११ वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा स्थापित है, प्रतिमा में श्री नागचन्द्रेश्वर स्वयं अपने सात फनों से सुशोभित हो रहे है। साथ में शिव-पार्वती के दोनों वाहन नंदी एवं सिंह भी विराजित है। मूर्ति में श्री गणेश की ललितासन मूर्ति, उमा के दांयी ओर कार्तिकेय की मूर्ति व उपर की ओर सूर्य-चन्द्रमां भी अंकित है। इस प्रकार श्री नागचन्द्रेश्वर की मूर्ति अपने आप में भव्य एवं कलात्मकता का उदहारण है। भगवान के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए है। कहते हैं कि यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। ऐसी म...

Shri.PARSHURAM 🔱 Part- 2 B208

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  महर्षि भृगु वरुण पुत्र हैं परंतु ब्रह्मा जी के विचारों के अनुसार स्वयं को ढ़ालने के कारण ब्रह्मा जी ने महर्षि भृगु को अपने पुत्र के समान गौरव प्रदान किया है ।इस कारण भृगु ऋषि ब्रम्हा जी के मानस पुत्र हैं । आगे चलकर महर्षी भृगु के वंशज महर्षि और्व हुए इनके पुत्र थे महर्षि ऋचीक , ऋचीक का बहुत बड़ा परिवार था , इनके ज्येष्ठ पुत्र थे जमदग्नि एक और पुत्र का नाम था अग्निवेश । इन दोनों के माता का नाम सत्यवती था । ज्येष्ठ पुत्र जमदग्नि का पाणिग्रहण संस्कार (विवाह) विदर्भ नरेश प्रसेनजित की ज्येष्ठ पुत्री रेणुका के साथ हुआ था ।  महर्षि और्व ने अपनी पुत्रवधु सत्यवती के आग्रह पर अपने लिए और अपनी माँ के लिए दो औषधि का निर्माण करने का आग्रह किया जिससे कि मनचाहा पुत्र की प्राप्ति हो क्योंकि सत्यवती के कोई भाई नही था इस कारण सत्यवती के पिता कान्यकुब्ज नरेश गाधी को मात्र पुत्री थी पुत्र नही था । तैयार औषधि को सत्यवती की माँ ने बेटी से बात कर आपस की औषधि बदलकर एक दुसरे का सेवन कर लिया । माता पुत्री ने गर्भधारण कर लिया । तत्पश्चात महर्षि और्व ने अपनी पुत्रवधु सत्यवती से पूछ लिया कि औषधि का सेवन ठ...

77th Independence Day 🇮🇳 B207

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77 वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳 आज दिनांक १५ अगस्त २०२३ को लखनऊ के नेहरु इन्क्लेव गोमतीनगर स्थित कालोनी में हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया । नेहरु इन्क्लेव एसोसिएशन ने और मानवाधिकार एक्शन फोरम ने हर घर तिरंगा के अंतर्गत सभी स्थानीय नागरिकों को तिरंगा झंडा का वितरण किया । कालोनी को तिरंगा ध्वज से शुशोभित कर भारत माता का तिरंगे से श्रृंगार कर आम नागरिकों में देशभक्ति का उत्साह भर दिया । ध्वजारोहण में कालोनी के सभी गणमान्य व्यक्ति सम्मलित थे । इस अवसर पर प्रशांत शर्मा प्रदेश प्रवक्ता उ. प्र. मानवाधिकार एक्शन फोरम , नई दिल्ली ने बताया कि बहुत ही कम समय में तैयारी की गई है इसमें के सी गोयल , प्रेम सिंह ,भुवन शुक्ल , सतेंद्र शर्मा सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर तिरंगे को लगाकर सजा रहे थे । इस अवसर पर विजय सिंह , मोनी सिंह, भुवन शुक्ल , के.सी. गोयल , अमित सेठ , सतेंद्र शर्मा, प्रशांत शर्मा , प्रतीक सिंह , अमित कुमार , रतन कपूर , मोहित वर्मा , बजरंग मिश्र , बृजेश सिंह , अजय चौहान , संतोष सिंह , मदन सिंह चौहान आदि गणमान्य व्यक्तियों ने तिरंगा शोभा या...