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संकट एक वरदान B26

संकट एक मूसलाधार वर्षा की भांति होती है । काला घना बादल सम्पूर्ण आकाश को घेर लेता है । पूर्ण अंधकार छा जाती है । कड़कड़ाती बिजली सम्पूर्ण आकाश को अपनी बाहों में ले लेती है । आकाश बिजली से गरजता रहता है ।            पृथ्वी जल से भीग जाती है एवं भर जाती है । आप वर्षा के जल के कारण सरल चल भी नहीं पाते हैं।              जब वर्षा ठहरती है तब आकाश में इंद्रधनुष दिखता है। यह आनंद का प्रतिक होता है । मिट्टी के सुगन्ध से वातावरण आनंदित हो जाता है ।               संकट भी एक वरदान होता है । यह परीक्षा ईश्वर हर एक व्यक्ति की लेते हैं । जो व्यक्ति संकट का सामना करता है । उसी का "यश" - परिवार , समाज , पृथ्वी पर सदैव बढ़ता ही रहता है । -   पावन खिंड से प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

व्यवसाय प्रबंधन B25

" किसी व्यवसाय की सफलता का मूलमंत्र है - कंपनी केे लीडर को कार्ययोजनाओं पर अमल करवाना " ।  एवं किसी व्यवसाय में योजना बनाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है उस पर अमल करना । ८०प्रतिशत व्यवसाय योजनाओं की कमी के बजाय उन्हें अमल में लाने की खामी से डूबते हैं। इस कारण कंपनी के लीडर को योजना के क्रियान्वयन पर अधिक समय देना चाहिए ।          किसी भी व्यवसाय की सफलता का मंत्र है कि "सही व्यक्ति को सही कार्य सौंपा जाए ।" व्यवसाय को सफल बनाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करें । यह लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर उससे क्या आशा करते हैं । तत्पश्चात कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए ।          कार्ययोजना में डायरेक्टली रिस्पॉन्सिबल इंडिविजुअल्स ( डी आर आई )  का पालन करना जरूरी है । इसमें यह तय होता है कि किस काम के लिए कौन जिम्मेदार है । काम की जिम्मेदारी देने के साथ ही 'की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स ' (के पी टी )  का निर्धारण होना चाहिए । इसमें हर व्यक्ति के काम के स्तर की गणना होती है । हर सप्ताह इसका आंकलन होना चाहिए । इसके माध्यम से ही पुरस...

शक्तिशाली B24

 यस्याश्वा तस्य राज्यं , यस्याश्वा तस्य मेदिनी|  यस्याश्वा तस्य सौख्यं , यस्याश्वा तस्य साम्राज्यम्|                                        -    पावनखिंड से                               अर्थात " जिसके पास घोड़ा , उसके पास राज्य , उसके पास ऐश्वर्य ,उसके पास सुख , उसके पास साम्राज्य - वहीं होगा राजा " । राजे , जिसके पास यह सम्पत्ति होती है , उसका राज्य अजेय बना रहता है , यह कभी मत भूलना । यह बात राजा शहाजी भोसले ने अपने बेटे छत्रपति शिवाजी महाराज से बोली थी । राजा शहाजी के अनुसार उस समय घोड़ा एक वाहन तो था एवं साथ ही साथ वह शक्ति भी था ।           " कहने का तात्पर्य है - जिसके पास शक्ति (POWER) है , लोगों का संगठन है , वहीं भविष्य में शासन करेगा " । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

समर्थन B23

यदि आप अपने साथ के लोगों के लिए ईर्ष्या , बैरभाव रखोंगे तो तुम्हारा काम नहीं चल सकेगा ।क्योंकि आज हो या कुछ वर्षों के पश्चात आपको इन्हीं लोगों के समर्थन , सलाह से एक एक कदम आगे बढ़ाना होगा । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

साथ B22

यदि संकट में कोई भी अपने भाई का साथ छोड़ दें तो उस पर सहज विश्वास नहीं करना चाहिए। एवं यदि शरीर में कोई रोग बीमारी हो जाती है तो उसके चलते उस अंग को कोई काट नहीं देता । उसी प्रकार भाई जैसा भी हो उसका साथ नहीं छोड़ना चाहिए । क्योंकि कुटुम्ब , वैभव , सुख - शांति , साम्राज्य का वास्तविक सुख भाई के साथ के कारण प्राप्त होती है । "यहीं साथ परिवार का महागठन करता है" प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

जड़ B21

आज वर्तमान में कमाने के लिए सभी लोग अपना घर गांव छोड़कर बाहर महानगर चले गए हैं । दादा ,परदादा , पिता ने गांव पर खेती , जमीन , जायदाद सब बनाया हैं । कमाने की धुन में सभी महानगरों में जाकर गांव को भूल रहे हैं परंतु समय - समय पर हम आप समय निकालकर गांव जाकर वहां की देखभाल करते हैं । सभी समाज के लोगों से , नात- रिश्तेदारों से मिलते है समाज के शादी समारोह , त्योहार , जीवन-मरण में सम्मलित होते हैं । इससे हम अपने गांव के जड़ से जुड़े रहते है। समाज में आने जाने से व्यक्ति के परिवार , खानदान को जाना जाता है । जब आप अपने बच्चों को समाज में सबसे मिलवाते है तो आपका परिवार गांव के जड़ से  जुड़ा रहता है एवं जाना जाता है । आज आपको महानगर में कितने लोग जानते है ? वहीं गांव में आपको आपके खानदान, परिवार, नात - रिश्तेदारों , समाज के लोगों से जाना जाता है । जब हम अपने गांव के लोगों के विवाह समारोह , जीवन मरण , त्योहार में आना जाना बंद कर दें तो धीरे धीरे सब समाप्त हो जाएगा। आपका जड़ आप का गांव है , यदि जड़ समाप्त तो वृक्ष समाप्त । आप अपने जड़ अपने गांव से जुड़े रहें । वही आपकी पहचान एवं शक्ति है । प्रशांत जे क...

भगवान परमहंस B20

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स्वामी श्रीरामकृष्ण परमहंस भगवान एवं माँ सारदा देवी अपने१६ शिष्यों के साथ , साष्टांग प्रणाम देव भक्ति दो प्रभु , दया करो प्रभु     🙏🌼🌺🌻🌺🌼🙏

ऐसा दान ना करें B19

ग्रहों की स्थिति के विपरीत यदि दान कर्म किया जाए तो वह और भी बुरा प्रभाव देता है , ऐसे में हमारे द्वारा किया गया दान हमें अच्छा फल देने की बजाय , बुरा फल देना आरंभ कर देता है और हमें इस बात का पता भी नही चलता । ज्योतिष विद्या के अनुसार जन्म कुंडली में जो ग्रह उच्च राशि या अपनी स्वयं की राशि में स्थित हो , उनसे सम्बंधित वस्तुओं का दान व्यक्ति को कभी भूलकर भी नहीं करना चाहिए । यह दान हानि ही देगा , आवश्यक है दान उसी व्यक्ति को करें जो व्यक्ति दान की गई वस्तु का उपयोग करें । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

७ विशेष दान B18

हम कुछ विशेष छोटे उपाय कर  आवश्यक दान कर के जीवन के समस्या का समाधान कर सकते है - १- स्वास्थ्य एवं आयु की समस्या के लिए -       अन्न एवं जल का दान करें । २- दुर्घटना से रक्षा के लिए -      काले तिल का दान करें । ३- रोज़गार की प्राप्ति के लिए -      प्रकाश का दान करें ( तुलसी के नीचे या मंदिर में दीपक       जलाएं ) । ४- शीघ्र विवाह के लिए -      सुहाग की वस्तुओं का दान करें । ५- संतान प्राप्ति के लिए -      वृक्ष लगाएं एवं नियमित जल दान करें ( जल डालें ) । ६- मुक़दमे में विजय प्राप्ति के लिए -      मीठी वस्तुओं ( मिष्ठान ) का दान करें । ७- दुर्भाग्य दूर करने के लिए -      अन्न का दान करें । ये कुछ छोटे विशेष उपाय करने से हम अपने जीवन को सरल बना सकते है एवं अपने घर परिवार को सुख शांति दे सकते है । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

धर्म - पूजा पाठ B17

अमावस्या पर भगवान शनिदेव की आराधना से दीप दान करने पर आपके जीवन से आर्थिक संकट दूर होंगे , सुख शांति की  प्राप्ति होती है ,  वैवाहिक दाम्पत्य जीवन में सुख शांति प्रेम प्रसंग में लाभ होता है । भूमि , भवन , वाहन , संपत्ति , सुख प्राप्त होता है । भगवान शनिदेव न्याय के देवता हैं शनिदेव भगवान को प्रसन्न करने के लिए जप , तप , उपवास , दान , के साथ साथ सात्विक जीवन शैली होनी चाहिए । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

संरचना B16

जब अपने अपनों का सुनना बंद कर दें तो समझ लीजिए की आपके परिवार के संरचना (ढाचे) का विनाश आरंभ हो चुका है। प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

धर्म- पूजा पाठ B15

दैत्य गुरु शुक्र देवता को प्रसन्न करने हेतु आपको गाय सेवा , दान , व कन्या को उपहार देना चाहिए।  लाभ - आपको वाहन एवं भवन की प्राप्ति होती है । ।। जय श्री कृष्ण ।।

संपत्ति B14

संपत्ति का महत्व तभी तक है जब तक वह मर्यादित धर्म से अर्जित की जाय एवं मर्यादित धर्म से जुड़ा हो , अन्यथा जो संपत्ति मर्यादित धर्म से न अर्जित की जाय वह संपत्ति आगे चलकर परिवार के लिए एवं आने वाले पीढ़ी के लिए हानिकारक साबित होता है । यह आप केवल अनुभव कर सकते हैं परिवार में धन तो होता है परन्तु उन्नति उत्थान सब रुका रहता है , परिवार में अशांति बनी रहती है। इस कारण मर्यादित धर्म से संपत्ति , धन , यश , कीर्ति अर्जित करिए जिससे की परिवार में सुख - समृद्धि शांति आगे आने वाले पीढ़ी तक बनी रहे । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

विश्वास खोना B13

विश्वास खोना अर्थात्  अपनापन खोना ऐसा व्यक्ति भविष्य में अपनों से आदर व सम्मान नहीं प्राप्त कर सकता है उसे अपनों से आने वाले समय में तिरस्कार ही झेलना पड़ेगा । बाहरी व्यक्ति प्राय: झूठा सगा बनने का स्वांग रचता है , अपने कड़वे निश्चित होते हैं परन्तु वे हृदय से मानते हैं उनका हृदय मत तोड़िए अन्यथा आने वाले समय में परिवार का ढाचा टूट जाएगा , अपनों का विश्वास बनाएं रखिए अपनापन मत खोने दीजिए । प्रशांत जे के शर्मा.  ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

विश्वास घात B12

सबसे बड़ा घात विश्वासघात होता है , एक बार मन का विश्वास टूट जाय तब वह कभी मन से जुड़ नहीं सकता जैसे एक समानांतर धागा टूटने के पश्चात उसमें गाठ पड़ जाती है फिर वह अपने वास्तविक रूप में नहीं आ सकता , उसी प्रकार एक बार विश्वासघात होने के पश्चात मन का विश्वास जुड़ नहीं सकता । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

सप्तऋषि B11

भारत देश के सात महान संत है जो सप्तऋषि के नाम से जाने जाते हैं क्रमशः इनके नाम हैं -  १- भारद्वाज ऋषि २- कश्यप ऋषि ३- अत्रि ऋषि ४- वशिष्ठ ऋषि ५- विश्वामित्र ऋषि ६- गौतम ऋषि ७- जमदग्नि ऋषि वेदों में सप्तऋषियों को वैदिक धर्म का संस्थापक माना जाता है। भगवान विष्णु के दस अवतार बताए गए हैं। इनमें पहला अवतार मत्स्य का था। कथा प्रचलित है कि मत्स्य अवतार के समय इस धरती जल प्रलय आया था। उस समय राजा मनु के साथ सप्तऋषि एक विशाल नाव में सवार थे और मत्स्य अवतार में भगवान विष्णु ने इन सभी के प्राणों की रक्षा की थी। सप्तऋषियों के नाम का जाप रोज करना चाहिए, ऐसी परंपरा प्रचलित है।  सप्तऋषियों की पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों का प्रभाव खत्म होता है। शास्त्रों में सप्तऋषियों के संबंध में कई श्लोक प्रचलित है। उनमें से एक श्लोक ये है- कश्यपोत्रिर्भरद्वाजो विश्वामित्रोथ गौतमः। जमदग्निर्वसिष्ठश्च सप्तैते ऋषयः स्मृताः॥ दहंतु पापं सर्व गृह्नन्त्वर्ध्यं नमो नमः॥ इस श्लोक में कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि, वसिष्ठ ऋषियों के नाम बताए गए हैं। इनके नामों के जाप से सभी प...

हिन्दू धर्म की सप्तपुरी B10

हिन्दू धर्म की सप्तपुरी सात तीर्थ स्थान की यात्रा कर लें तो आपको ईश्वर का आशिर्वाद प्राप्त हो जाएगा और मोक्ष की प्राप्ति होती है  , ये तीर्थ स्थान है काशी , कांची , अवंतिका , मथुरा , द्वारिका , अयोध्या , हरिद्वार । प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।।

सूर्यग्रहण 21 June2020. B9

२१ जून को सूर्यग्रहण लगेगा यह ग्रहण पूर्ण ग्रहण होगा इस कारण दिन में रात का वातावरण दिखाई देगा सूर्यग्रहण में सूर्य ९८.६ प्रतिशत ढक जाएगा। ग्रहण के ग्रहण स्पर्श काल से १२ घंटे पूर्व ग्रहण सूतक लगता है। मंदिर ग्रहण के चलते २१ जून प्रात: काल से बंद रहेंगे ।ग्रहण काल में घी का दीपक जलाकर देव प्रतिमा के समक्ष अपने ईष्ट देवता का मंत्र जपने से सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। ग्रहण के समय खाद्य पदार्थ में तुलसी पत्र रख देना चाहिए , इससे भोजन की शुद्धता बनी रहती है। ग्रहण के पश्चात अन्न या धन का दान निर्धन के लिए स्पर्श कर रख दें एवं देव प्रतिमा को स्नान करा कर पूजा पाठ करें , इस प्रकार ग्रहण का सूतक समाप्त होता है। *लखनऊ में ग्रहण का समय प्रात: १०.२७ से प्रारम्भ होगा एवं १२.१२पर मध्य होगा तत्पश्चात दोपहर १.५८ पर ग्रहण की समाप्ति होगी* वैसे देखा जाए तो सम्पूर्ण भारत में ग्रहण का प्रभाव प्रात:९.१५ से दिन में दोपहर ३.०३ मिनट तक रहेगा। ग्रहण में पराबैंगनी किरणें  (Altra Violate Rays) नेत्र एवं त्वचा को क्षतिग्रस्त कर सकती हैं इस कारण ग्रहण को ना देखें न बाहर निकलें। उसी दिन सायंकाल ४ बजे के पश्चा...

अंतरात्मा B8

अंतरात्मा की आवाज सुनने से भविष्य हमें धोखा नहीं देती.  प्रशांत जे के शर्मा. ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

हार जीत B7

व्यक्ति अपनों से हारता है। हां यदि अपने अपनों में श्रद्धा भक्ति रक्खे तब व्यक्ति जीत सकता है।  ।। जय श्री कृष्ण ।।

स्वस्थ, सुखी, जीवन व लम्बी आयु के उपाय B6

जीवन का हर एक समय आनंद से परिपूर्ण होता है, किन्तु उसे आनंद के ही दृष्टि से देखना पड़ता है । कर के देखिए जीवन खुशियों से भरा होगा । -प्रशान्त जे के शर्मा 1- महत्वाकांक्षा को वश में रखना 2- अहंकार ( घमंड) नहीं करना चाहिए 3- कटु वचन सुनकर भी उत्तर नहीं देना चाहिए 4- लालच न करें , विषयों को और बढ़ती हुई इच्छाओं को रोकना चाहिए    5- दूसरों की निन्दा न करना , न सुनना , न देखना चाहिए 6- दिन में नहीं सोना चाहिए 7- नियमपूर्वक धर्म ग्रंथ पढ़ना और सुनना चाहिए 8- क्रोध के वशीभूत नहीं रहना चाहिए 9- स्वयं आदर न चाह कर दूसरों को आदर देना चाहिए 10- भोजन स्वाद के लिए न कर स्वास्थ्य के लिए करें ।      ।। जय श्री कृष्ण ।।  @Copyright

व्यक्ति का मूल्य B5

एक बार एक पिता ने अपने पुत्र को अपने पास बुलाया और कहा की तुम आज अपने परदादा जी के इस घड़ी का मूल्य, घड़ी के बड़े दुकान में जाकर पूछो की कितना इस घड़ी का मूल्य देगा याद रहें यह घड़ी २५० वर्ष पुरानी है। पुत्र ने बड़े दुकान पर जाकर घड़ी का मूल्य पूछा दुकानदार ने कहा बहोत पुरानी घड़ी है ५०० से १००० तक दे सकता हूं, पुत्र ने अपने पिता से आकर सब बातें बताई। पिता ने कहा अब तुम संग्रहालय ( MUSEUM) मे जाकर दिखाओ , पुत्र ने यहाँ पर भी घड़ी दिखाई वहाँ पर लाखों मे इस घड़ी का मूल्य लगा। पुत्र ने फिर से आकर अपने पिता से सब बातें बताई - पिता ने कहा मैं तुम्हें बताना चाह रहा था , - *व्यक्ति का मूल्य सही स्थान पर सही लगता हैं न की गलत स्थान पर* इस कारण तुम अपनी शक्ति वहां पर लगाओ जहाँ पर तुम्हारा मूल्य हो ,वहां मत लगाओ जहाँ तुम्हारा कोई मूल्य ही न हो।  🌺।। जय श्री कृष्ण ।।🌺

जीवन को जीना B4

रामायण हम सभी को यह सिखाती है की *हमें क्या करना चाहिए* । महाभारत हम सभी को यह सिखाती है की *हमें क्या नहीं करना चाहिए* । श्री कृष्ण भगवान द्वारा भगवत गीता हम सभी को यह सिखाती है की *हमें कैसे जीना चाहिए* । ।। जय श्री कृष्ण ।।

पहचान B3

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              स्वयं पर विश्वास करने से बनती है , पहचान ।                                ।। जय श्री कृष्ण ।।  ।। ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले बैरिही मारु वज्र की कीले ।।

पिता की छाया B2

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सूर्य यदि पर्वत के पीछे हो तो भी उसका प्रकाश तो सर्वत्र छाया रहता है।       उसी प्रकार पिता की छाया हम पर निरंतर रहती है।      ।। जय श्री कृष्ण ।। @Copyright

श्री गणेशाय नमः B1

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सभी ब्लॉग फॉलोअर्स को मै प्रशांत जे के शर्मा आप को बधाई देता हूं। भविष्य में आप सभी को जीवन से सम्बंधित जानकारी देता रहूंगा जिससे की जीवन की यात्रा को सफलतापूर्वक करने में आप को सहायता मिलेगी बस आप लोगों का साथ और आशिर्वाद की आवश्यकता है। जीवन पर आधारित एक पुस्तक ( किताब ) भी आप लोगो के लिए मै लिख रहा हूं जीवन के बहुत से पहलू है उनको जानने का एक बड़ा माध्यम होगा । अतिशीघ्र ये पुस्तक लेकर मैं आप के समक्ष आऊंगा धन्यवाद , १२जून २०२०. 🙏🙏🙏                  💖।। 🌹जय श्री कृष्ण 🌹।।💖 अतिशीघ्र पुस्तक का नाम  व पुस्तक का आवरण चित्र ( कवर पेज फ़ोटो ) आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा । धन्यवाद ४ मार्च २०२१ 🙏🙏🙏                  💖।। 🌹जय श्री कृष्ण 🌹।।💖 Cover Page of Book , First Scratch Outlook 22March 2021 🙏🙏🙏                💖।। 🌹 जय श्री कृष्ण 🌹।।💖                       ...