आत्मा की आवाज B104

 🌼🌿 "आत्मा में रमण करें , आत्म बोधि  बनें "

           श्वास - प्रश्वास पर ध्यान केंद्रित करें  ।। 🌿🌼

🚩अघोरेश्वर शरणम गच्छामी , सवात्माराम शरणम गच्छामी!

🌼🌿 औघड़ वाणी ------------------ !

🔱🚩 हमारी जो प्रार्थना है उसमें कहा जाता है कि मेरुदण्ड सीधा करो, सिर को ऊँचा करो, नासिका को सामने रखो, चक्षु को भृकुटी के मध्य मे  रखो, सीना को ताने रहो और सिद्धासन मे बैठे रहो, अच्छे से सांस लो अच्छे से सांस छोड़ो और मन में किसी तरह का कोई विचार तब तक न आने दो जब तक कि अपना आत्मा स्वच्छ और निर्मल न हो जाय। अपनी संकल्प सिद्धि अच्छी न हो जाय। 🚩

🌼 मगर हम नहीं कर पाते हैं। जैसे बैठेंगे, अकुलाहट शुरू हो जायेगी। बुरी-बुरी बातें याद होंगी। बुरी नहीं तो, न बुरी न अच्छी बल्कि कुछ विध्वंसक बातें याद आने लगेगी। कुछ लोभ की श्रेणियाँ , तथा कुछ अजीब-अजीब सी आकृतियाँ उत्पन्न होने लगेंगी तथा कुछ अजीब-अजीब सी तरंगे उत्पन्न होने लगेंगी, जिन तरंगों मे हम अपने आपको डुबोये-डुबोये रहेंगे।🌼


                                                🌹जय श्री कृष्ण🌹

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