क्षणिक जीवन B78

                        🕉️🌷 औघड़ वाणी 🌷

🔱🚩 अपने तरह की अनोखी संयुक्त परिवार की व्यवस्था

आज नारियों की संकीर्ण मानसिकता के कारण बड़ी तेजी से

टूटती जा रही है । पुरुष वर्ग इनकी कलहपूर्ण जिद्दी मानसिकता

के समक्ष अपने को पूर्णतः असहाय समझते हुए बड़ी कराह के

 साथ पारिवारिक विघटन के कारुणिक एवं दुःखद दृश्य को

 देखने के लिये विवश है ।🔱- अघोर वचन शास्त्र - पृष्ठ  274



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